BABULAL
-: हीगारल :-
खुसियन से भरल खुशी
टहटहउआ हंसेला
घरवा के कोने - कोना में
घुमेला
आऊर मनवा में कहेला
तू हमार बाड़ऽ
हम तोहार.....
खनकत सिकवा के जइसन
गुंजत बाड़ू तू
गुलक में रखल
गरम दिलवा पर
बारिस के ठंढा बुनी जइसन
फिसलत बाड़ू.....
ई कइसन ब्यार बा
ई केकर संसार बा
जवन तनी - तनी सम्हारेला
हमरा
आऊर तोहरा भी....
ई घर के
एगो दिरोखवा से
नाता पुरान बा
गली से गुजरल
उबेने गोड़
एगो चुभन
शायरमिजाज बा.....
आफत ऊ छोटका गली से
बाज नियन बोलावेला
कोई परबसियन के जथन के
घर जोगाड़ करावा
ई कहेला......
ई देह के माया
मस्ती के बेड़ियन से
बन्हल बा
सच्चाई तोहार सीसा
कोसन दूर टंगल बा.....

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