Thursday, October 13, 2022

TRANSLATION OF 'संगरोध' INTO CHHATISGARHI-BALRAM CHANDRAKAR

 

                                                                          बलराम चंद्राकर


खुशी लबालब भरे हे

खिलखिला के हांसत हे

ए डेहरी ले ओ डेहरी

घर मं बूलत बूलत 

गावत रहिथे

तंय मोर मंय तोर


जइसे सिक्का 

गुल्लक मं खनखनाथे

जुड़हा बूंद ह

बरसाके बइसने

अंतस के ताप मं

फिसलत मनहा

पुचकारथे


जे कइसन हवा ये

कहाँ  ले आवत हे

जऊन मन के

कोना कोना ला

छू लेथे मोरो

अऊ तोरो


ये झरोखा ले

ए घर के

नाता जुन्ना ए

गली ले रेंगत खाली पांव

कांटा चुभत तो हे

फेर कविमन जैसे हे


मन के पीरा

कोनो सँकरी गली ले

घेरी बेरी पुकारथे

कोनो भीड़  ला कहिथे

एकठन घर चांहीं

ए कहिथे


मन जइसे कोनो जादू  हे

खुसी के सांकल मं बंधे

असल ए तोर दरपन  हे

जेन बहुते दूरिहा मं टँगाये हे

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