Sunday, June 11, 2023

A FABLE: LOUISE GLÜCK:TRANSLATED INTO HINDUSTANI BY DR.CHANDRASHEKHAR B.SHARMA

 


A Fable

BY LOUISE GLÜCK


एक अफ़साना


दो औरतें एक ही चीज़ पर 

हक़ जताने लगीं

लगाने लगी गुहार 

शहंशाह के दरबार में।

दो औरतें,

मगर एक ही बच्चा। 

शहंशाह समझ गया कि कोई एक झूठ बोल रही है।


उसने कहा बच्चे के दो टुकड़े कर दो;

कोई भी खाली हाथ नहीं लौटेगा।


उसने म्यान से तलवार खेंची।

दोनों में से एक औरत ने 

अपने हिस्से को तज दिया:


यह संकेत था,

एक सीख!


फ़र्ज़ करो 

अपनी अम्मी को तुम देखते हो

दो बेटियों के बीच बंटा हुआ:

तुम क्या करोगी उसे बचाने के लिए

खुद को मिटाने की चाहत नहीं रखोगी?

वो जान जाएगी

कौन उसकी असली बेटी थी,

जो अपनी अम्मी का बंटवारा 

सहन नहीं कर सकती थी

कभी!



@DR.CHANDRASHEKHAR B.SHARMA




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