Thursday, June 22, 2023

IMTIAZ DHARKAR:HONOUR KILLING Translated into Hindi by Dr. Chandrashekhar B. Sharma

 


ऑनर किल्लिंग

HONOUR KILLING

--इम्तिआज़ धरकर

आख़िरकार इस कोट को मैं उतार फेंक रही हूँ

यह  काला  कोट   मेरे   देश  का

जो मैं कसम  खाती  थी

 कि वो  मेरा   है   ,

जिसे  मैं आदतनुसार ज्यादा  पहनती  थी  ,

  डिज़ाइन  के  कारण नहीं |

जन्म से ही  पहने हुए हूँ

मुझे लगता था

 मेरे पास कोई विकल्प नही है |


मैं यह पर्दा उतार रही हूँ -

यह काला पर्दा  आस्था का

जिसने मुझे नास्तिक बना दिया

खुद के प्रति ,

जिसने मेरे लबों को सिल दिया ,

मेरे ईश्वर को एक शैतान का रूप दे दिया ,

और मेरी आवाज़ को दबा दिया |


मैं उतार फेंक रही हूँ

यह  गोटेदार रेशमी कपड़े ,



जो तानाशाही स्वप्नों को पोसते  है --

यह मंगलसूत्र और अंगूठियाँ

जो खड़खडा रहीं हैं

 जरूरतों के टिन के कटोरे में ,

इन्होने मुझे भिखारन बना दिया |

मैं यह चमड़ी उतार रही हूँ ,

और फिर चेहरा ,मांस ,और कोख |


चलो देखते हैं

मैं क्या रह जाती हूँ

जब मैं निचोड़ती हूँ बीते कल को -

एक आसान सा  हड्डियों का  पिंजरा |


चलो देखते हैं

मैं क्या कर  सकती  हूँ ,

बनाती हूँ ,कारीगरी करती हूँ ,

और नक्शा बनाती हूँ

 अपने नये भूगोल पर |

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