एक मानचित्र
THE MAP
--स्मिता अग्रवाल
यह एक छोटा सा पृष्ठ है
बारह इंच चौड़ा और नौ इंच लम्बा |
हस्तनिर्मित --असंख्य रंगों से भरा हुआ
एक मानचित्र द्वीप का |
यह बारीक ,गोलाकार ,स्पष्ट रेखाएं
दर्शातीं है स्थलाकृति पहाड़ों की ;
विविध हरे रंगों के उतार चढ़ाव
दर्शाते हैं मैदानी इलाके |
चहुं ओर चमचमाता है
एक बिन्दु जैसा नीला -काला समुद्र
और वह वक्र समुद्रतट भरा हुआ है
हरे ताड़ के असंख्य पेड़ों से |
वे लहराते हैं तेज पवन में |
यह मानचित्र उघाड़ता है कई रहस्य ,
जैसे किस दिशा से पवन बहेगी ,
कहाँ घने बादल छाएंगे ,
कहाँ बरसेंगे |
मृत केंद्र सीमांकन करता है
अनपेक्षित और अचानक
फटने वाले ज्वालामुखी को
भूवैज्ञानिक आश्चर्यचकित होकर देखते हैं
धुआं छोडती दरार --
करीब हजार वर्षों से
वह धुआं छोड़ रही है
पर वह अपने असंतुष्ट मन को
कभी नहीं उगलती |
कभी-कभी लावा
लबों तक आ जाता है
पर वह उबलकर कभी बाहर नहीं गिरता |
वह वापस बह जाता है |
भूवैज्ञानिक उलझते हैं
एक दूसरे से
यह बतलाने के लिए
कि किसने पहले अविष्कार किया है
कहाँ से लावा आता है
और कहाँ चला जाता है |

No comments:
Post a Comment